हमने जिनको वोट दिया है —-

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श्रीलंका का अर्थ तंत्र डामाडोल: जनाक्रोश या जनक्रांति!

हमनें जिन्हें वोट दिया है-

जिन्हें हमने वोट दिया है, वे भगवान बनेंगे।
यदि भगवान नहीं बने तो, छोटे देव बनेंगे।

राजनीति भी बेढंगी है! सतयुग द्वापर त्रेता।
कलयुग में तो अमर है कोई, वह है अपना नेता।

हमनें जिन्हें वोट दिया है, वे बद्रीश -केदार बनेंगे।
राजा मंत्री बन नहीं सके यदि तो ठेकेदार बनेंगे।

बाढ समाज सेवा की आ गई, सब को जन सेवा भायी।
कितना अच्छा है यह धंधा! बाकी सब कुछ परछाई।

मजदूर से जनरल तक, अब राजनीति में आए।
कारागार में बंदी कैदी भी, वोट जनता का पाये।

हमने जिन्हें वोट दिया है, वे प्रधान बनेंगे।
पांच वर्ष सत्ता में रहकर, वे भी भूत बनेंगे।

कवि: सोमवारी लाल सकलानी, निशांत।

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