‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम के अन्तर्गत ‘गंगा स्वच्छता शपथ’ व ‘हस्ताक्षर अभियान’ 

'स्वच्छता ही सेवा' कार्यक्रम के अन्तर्गत 'गंगा स्वच्छता शपथ' व 'हस्ताक्षर अभियान' 
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‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम के अन्तर्गत ‘गंगा स्वच्छता शपथ’ व ‘हस्ताक्षर अभियान’ 

पौड़ी, विक्रम सिंह रावत: ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम के अन्तर्गत ‘गंगा स्वच्छता शपथ’ व ‘हस्ताक्षर अभियान’ का आयोजन राजकीय महाविद्यालय मजरा महादेव, पौड़ी में ‘राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन’ ‘जल शक्ति मंत्रालय’ भारत सरकार के तत्त्वाधान में नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 16 सितंबर से 2 अक्टूबर तक किया जा रहा है।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. के.सी. दुद्पुड़ी ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि गंगा सफाई अभियान का बहुत महत्त्व है क्यूंकि हिन्दू धर्म में गंगा नदी को सबसे पवित्र माना जाता है। हिन्दू धर्म में गंगा नदी को गंगा माता कहा जाता है और माँ के समान ही पूजा की जाती है। यह गंगा नदी सभी भारतीय लोगों के लिए जीवनदायिनी मानी जाती है। इस नदी को पापनाशनी भी कहा जाता है क्यूंकि यह अपनी पवित्रता से सभी पापियों के पाप को नष्ट कर उनका उद्धार करती है। तथा गंगा सफाई अभियान के द्वारा इस नदी की सभी प्रकार की अशुद्धियों से मुक्ति मिल सकेगी। इसलिए गंगा सफाई अभियान का अत्यधिक महत्त्व है।

इस गंगा सफाई अभियान के तहत गंगा नदी को साफ़ व स्वच्छ बनाने के लिए सरकार के द्वारा 18 वर्ष का समय निर्धारित किया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि नमामि गंगा योजना के द्वारा भारत देश की सबसे पवित्र नदी गंगा में होने वाले प्रदूषण को रोक सके।

हस्ताक्षर अभियान में सभी प्राध्यापकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों, स्थानीय लोगों तथा महाविद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं ने हस्ताक्षर कर गंगा को स्वच्छ रखने की शपथ ली।

महाविद्यालय के प्राध्यापकों में इंद्रपाल सिंह रावत, डॉ दीपक कुमार, डॉ. चन्द्र बल्लभ नैनवाल, डॉ प्रियंका भट्ट और डॉ. राकेश सिंह के साथ-साथ शिक्षणेतर कर्मचारी उदयराम पंत, विक्रम सिंह रावत, वीरेन्द्र सिंह, मनोज रावत ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।

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