स्पर्श गंगा स्वच्छता और जागरूकता अभियान पर महाविद्यालय पोखरी में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में शिविर का आयोजन

स्पर्श गंगा स्वच्छता और जागरूकता अभियान पर महाविद्यालय पोखरी में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में शिविर का आयोजन
स्पर्श गंगा स्वच्छता और जागरूकता अभियान पर महाविद्यालय पोखरी में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में शिविर का आयोजन


 

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स्पर्श गंगा स्वच्छता और जागरूकता अभियान पर शहीद बेलमती चौहान राजकीय महाविद्यालय पोखरी (क्वीली) टिहरी गढ़वाल में आज राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में एक दिवसीय नियमित शिविर का आयोजन किया गया। एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी और प्रभारी प्राचार्य डॉ. राम भरोसे ने इस शिविर के आयोजन के विषय में बताया कि आज के शिविर का विषय स्पर्श गंगा स्वच्छता और जागरूकता अभियान रहा।

शिविर की मुख्य वक्ता भूगोल विभाग की प्राध्यापिका डॉ० सुमिता पंवार द्वारा स्पर्श गंगा अभियान की महत्ता एवं आवश्यकता: उत्तराखंड राज्य के विशेष संदर्भ में विषयक एक विस्तृत व्याख्यान दिया गया।

स्पर्श गंगा स्वच्छता और जागरूकता अभियान पर महाविद्यालय पोखरी में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में शिविर का आयोजन
स्पर्श गंगा स्वच्छता और जागरूकता अभियान पर महाविद्यालय पोखरी में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में शिविर का आयोजन

उन्होंने छात्रों को स्लाइड शो के माध्यम से गंगा के इतिहास और वर्तमान पर बहुत ख़ूबसूरती से प्रकाश डाला. उन्होंने अपने व्याख्यान में बताया कि स्पर्श गंगा अभियान देश का पहला ऐसा अभियान है, जिसे गंगा नदी की स्वच्छता, संरक्षण एवं संवर्द्वन के लिये सर्वप्रथम 17 दिसम्बर 2009 को उत्तराखण्ड राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ0 रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा प्रारम्भ किया गया था। उस दिन से यह अभियान प्रत्येक वर्ष इसकी वर्षगांठ के रूप में पिछले 13 वर्षों से उत्तराखण्ड राज्य के साथ-साथ सम्पूर्ण देश-विदेश में मनाया जाता है।

इस अभियान से देश-विदेशों की कई बड़ी हस्तियां जुड़ी हुयी हैं। चॅूंकि गंगा नदी सम्पूर्ण देश की 70 प्रतिशत आबादी को जल संसाधन, कृषि संसाधन एवं सांस्कृतिक संसाधन से परिपूर्ण करती है।

इसलिये गंगा नदी को निर्मल, अविरल एवं गरिमापूर्ण बनाये रखने के लिये स्पर्श गंगा अभियान पिछले 13 वर्षों से पूर्ण मनोयोग के साथ प्रत्येक सरकारी, गैरसरकारी एवं अर्द्धसरकारी संगठनों के माध्यमों से सम्पूर्ण देश में बड़े स्तर पर मनाया जाता है।

इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक जनमानस को इसकी महत्ता का बोध करवाना है तथा साथ ही विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से इस अभियान की आवश्यकता को प्रत्येक जन मानस के जीवन में उतारना है। इस प्रकार हमारा देश और विशेष रूप से उत्तराखण्ड राज्य पेयजल संकट, सिंचाई संकट, खाद्यान संकट और पर्यावरण संकट से होने वाले नुकसानों से बच पाने में सफल हो पायेगा।

कार्यक्रम के समापन में अर्थशास्त्र विभाग की प्राध्यापिका डॉ० सरिता देवी आभार ज्ञापित करते हुए आज के दिवस के महत्व के विषय में बताया।

स्पर्श गंगा दिवस के अवसर पर महाविद्यालय के छात्रों की एक चार्ट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया. जिसमें
*प्रथम स्थान- काजल (बीए प्रथम सेमेस्टर)*
*द्वितीय स्थान- रीतिका (बीए प्रथम सेमेस्टर)*
*तृतीय स्थान- काजल चौहान (बीए प्रथम सेमेस्टर)* ने प्राप्त किया।

एनएसएस के इस एक दिवसीय शिविर के सफल आयोजन में महाविद्यालय के शिक्षक साथी डॉ० विवेकानंद भट्ट, डॉ० बंदना सेमवाल, डॉ० मुकेश सेमवाल ग़ैर-शिक्षक साथी श्रीमती रचना राणा, कु० अमिता, श्री नरेंद्र, श्री अंकित, श्री दीवान सिंह, और छात्र अंजलि, प्रियंका, सिमरन, काजल, रीतिका, प्रियंका, मनीषा, अंजलि, शुभम, मोनिका, निकिता, सुमन, अनिशा, मोनिका, प्राची, नीना, काजल चौहान, निकिता, प्रियंका, सुनीता आदि उपस्थित रहें।

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