सेन्दुलाधार नकोट में 27 अप्रैल को लगेगा मेला, प्रतिवर्ष 14 गते बैसाख को लगता है यहां मेला

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सेन्दुलाधार नकोट में 27 अप्रैल को लगेगा मेला, प्रतिवर्ष 14 गते बैसाख को लगता है यहां मेला

राजस्व पुलिस के बाद अब रेगुलर पुलिस की निगरानी में पहली बार आयोजित होगा यह थौल़

व्यापारियों ने दुकानों के लिए आरक्षित किए स्थान

पूर्व में सेन्दुलाधार के नाम से अपनी पहचान रखने वाले ग्रामीण कस्बा नकोट में गुरुवार 27 अप्रैल को प्रतिवर्ष की भांति मेला थौल़ लगेगा। यहां पर प्रतिवर्ष बैसाख मास की 14 गते को पिछले कुछ समय से मेला लगता है। इससे पूर्व इस प्रखण्ड में 10 गते बैसाख को माता श्री राजराजेश्वरी मन्दिर जलेड के निकट धारू नामक स्थल पर भारी भरकम मेला लगता था, जो अब लुप्तप्रायः हो चुका है।

नकोट मेले में मखलोगी ही नहीं अपितु धारअकरिया, सारज्यूला, क्वीली, कुजणी, मनियार आदि पट्टी क्षेत्रों से लोग आकर मेले का आनन्द उठाते हैं। यहां पर आयोजित होने वाले मेले में आज तक प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की व्यवस्था की गई देखी नहीं गई। बिना प्रशासनिक सहयोग के यहां पर मेला आयोजित होता आया है।

इससे पूर्व यह क्षेत्र राजस्व पुलिस की प्रशासनिक निगरानी में रहता था, मगर मेले के दौरान यहां पर कभी एक होमगार्ड तक नहीं दिखायी देता था, इस समय पहली बार यह क्षेत्र रेगुलर पुलिस चम्बा की निगरानी में दिया गया है। इसलिए इस समय यह मेला पहली बार रेगुलर पुलिस की प्रशासनिक व्यवस्था में आयोजित होगा। मेले में दुकान लगाने के लिए व्यापारियों ने बाजार भर में स्थान सुरक्षित कर लिए हैं।

यहां पर यह उल्लेखनीय है कि मखलोगी प्रखण्ड का यह इलाका हमेशा शांतिप्रिय रहा है। यहां पर स्थानीय व्यक्तियों द्वारा कभी दबंगई की गई नहीं देखी गई। अपरिहार्य कारणों से कभी यह क्षेत्र बदनाम हुआ हो तो उसका श्रेय बाहरी तत्वों को जाता है। असामयिक जो भी घटनायें यहां घटित हुई या होती हैं तो वे बाहरी असामाजिक तत्वों की निशानदेही पर ही घटित होती आयी है।

शर्मनाक घटनाओं एवं अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले बाहरी तत्व यहां के भोले भाले लोगों को बरगला कर मामलों को शांत करने में कामयाबी हासिल कर जाते हैं, जिससे क्षेत्रीय लोगों को केवल सनसनी ही सुनाई देती है। मामले को कब अंजाम मिला और कब वह शांत हुआ, इससे यहां की भोली-भाली जनता अनविज्ञ ही रह पाती है।

बीते कुछ वर्षों से देखने में आया है कि भू-माफियों की गिद्ध दृष्टि इस क्षेत्र पर पड़ी हुई है और उन्हें कामयाबी भी हासिल हो पायी है। जिससे इस क्षेत्र का वातावरण दूषित होता चला आ रहा है। कई गुप्त आपराधिक घटनाओं को भी यहां अंजाम मिला है। जिससे समाज पर कुप्रभाव पड़ रहा है। न जाने क्यों यहां का जन-प्रतिनिधि और जागरूक नागरिक अपराधिक घटनाओं के खिलाफ जुबान खोलने की हिम्मत जुटाने में स्वयं असमर्थ महसूस करता है।

यदि इस क्षेत्र ने अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी तो वह दिन दूर नहीं जब यहां के लोगों को स्वयं बाहर का रास्ता देखने को मजबूर होना पड़ेगा और यहां पर भू-माफियों और अपराधियों का साम्राज्य होगा। इसे अतिशयोक्ति न समझा जाय।

जागरूक होकर एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने के लिए यहां के आम जनमानस को आगे आना होगा। तभी इस क्षेत्र का नैतिक, राजनैतिक, शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक विकास संभव है।

नकोट मेले में शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु व्यापार सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह मखलोगा ने SDM टिहरी को पत्र

दूसरी और नकोट मेले में शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु व्यापार सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह मखलोगा ने SDM टिहरी को पत्र प्रेषित किया है।

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