समग्र शहर स्वच्छता, नो सिंगल यूज प्लास्टिक, कूड़ा निस्तारण, जन-जागरूकता के लिए किए सतत प्रयास जाएंगे: उपेंद्र दत्त तिवारी

समग्र शहर स्वच्छता, नो सिंगल यूज प्लास्टिक, कूड़ा निस्तारण, जन-जागरूकता के लिए किए सतत प्रयास जाएंगे: उपेंद्र दत्त तिवारी
समग्र शहर स्वच्छता, नो सिंगल यूज प्लास्टिक, कूड़ा निस्तारण, जन-जागरूकता के लिए किए सतत प्रयास जाएंगे: उपेंद्र दत्त तिवारी


 

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समग्र शहर स्वच्छता, नो सिंगल यूज प्लास्टिक, कूड़ा निस्तारण, जन-जागरूकता के लिए किए सतत प्रयास जाएंगे। यह बात नगर पालिका परिषद चंबा के अधिशासी अधिकारी श्री उपेंद्र दत्त तिवारी ने एक भेंट में कही। उन्होंने शहर क्षेत्र में जीर्ण मार्गों, नारदानों-नालियों की मरम्मत आदि के परिप्रेक्ष्य में जा रही कार्यवाही के बारे में भी अवगत कराया।

व्यापक पैमाने पर प्लास्टिक उन्मूलन, क्रय-विक्रय परिवहन व इस्तेमाल आज के निषेध, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के सुसंगत प्राविधान एवं माननीय उच्च न्यायालय, उत्तराखंड में आयोजित याचिका संख्या 93/ 2022(PIL) में पारित आदेशों से संबंधित और अनुपालन न करने वालों, उत्पादनकर्ता, परिवहनकर्ता, विक्रेता और व्यक्तिगत उपयोग करने वाले पर जुर्माने की राशि आज के संबंध में है, से अवगत कराया गया।

प्लास्टिक अजैविकऔर विनाशकारी है। हमारे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरा पैदा करता है। जीव-जंतुओं पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। असाध्य रोग यहां तक की मृत्यु तक इसके उपयोग से हो सकती है। यह नालियों को बाधित करता है। मिट्टी की उर्वरा शक्ति को खत्म करता है।

समुद्री जल तथा जैव विविधता के लिए खतरा उत्पन्न करता है।कृषि क्षेत्र,समस्त पारिस्थितिकी तंत्र को बाधित करता है। मलेरिया, डेंगू आदि अनेक बीमारियों को उत्पन्न करते हुए यदि उसको खुले में जलाया गया तो कैंसर जैसी बीमारियों को उत्पन्न करता है क्योंकि इससे अनेक जहरीली गैसें जैसे- हाइड्रोजन सायनाइड कार्बनमोनोऑक्साइड आदि उत्पन्न होती हैं।

प्लास्टिक, पॉलिथीन शासन- प्रशासन, ग्रामीण विकास विभाग और शहरी विकास विभाग के साथ-साथ सामाजिक व्यक्तियों की चिंता का विषय भी है। प्लास्टिक उन्मूलन के लिए अनेकों नियम-अधिनियम भी पारित हैं। जिनमें अधिनियम 2013 की धारा 3 की उप धारा (1) द्वारा प्लास्टिक पर नियमानुसार प्रतिबंध तथा प्रतिषेेध लगाया गया है। उल्लेख किया गया है कि कोई भी व्यक्ति जाने- अनजाने प्लास्टिक, थर्माकोल, स्टायरोफोम सामान का क्रय विक्रय, उत्पादन, आयात, भंडारण, उपयोग और आपूर्ति संपूर्ण राज्य में नहीं करेगा।

जाने-अनजाने में सार्वजनिक स्थल में किसी भी प्रकार के प्लास्टिक कचरा फेंकना निषिद्ध है।धार्मिक स्थलों व संस्थानों, सिनेमाघर माल, होटल, रेस्टोरेंट, बाजार, शादी-ब्याह,पार्टियों, दफ्तर या आउटडोर इवेंट्स के स्वामी, पाबंंधियों का कड़ाई से अनुपालन करने के लिए उत्तरदाई होंगे। नियम -कानूनों में अनेकों बातें उल्लेखित हैं और इनका अनुपालन करना अत्यंत आवश्यक है। जनहित, समाज, प्रकृति,जीवन हित के लिए जरूरी है।

“भय बिन होय न प्रीति।” जिलाधिकारी टिहरी से नामित अधिकारी, नगर आयुक्त, पुलिस अधीक्षक, प्रभागीय वन अधिकारी, आयुक्त टैक्स विभाग, आयुक्त परिवहन विभाग, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या इनसे के द्वारा नामित सक्षम अधिकारी, उल्लंघन कर्ता, आपूर्तिकर्ता, निर्माता, परिवहन कर्ता, विक्रेता और व्यक्तिगत उपयोगकर्ता पर जुर्माना लगा सकते हैं। जिसकी राशि ₹100 से लेकर ₹05 लाख तक है। सम्यक जानकारी के लिए समस्त जागरूक नागरिकों, व्यापारी भाइयों, शहर क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों, ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले नागरिकों आदि से अपेक्षा की जाती है कि प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड शासन की नियमावली, माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों, शासन प्रशासन के नियमों का पालन करते हुए, अपना नैतिक कर्तव्य समझते हुए, प्लास्टिक प्रोडक्ट का उपयोग न करें। प्रयोग न करें। इसी में हमारी भलाई है। अपने पारिस्थितिकी तंत्र, प्राकृतिक सौंदर्य और स्वस्थ जीवन के लिए प्लास्टिक से बचें।

*कवि: सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’
(स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर) नगर पालिका परिषद चंबा

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