संस्कृत भाषा सभी भारतीय भाषाओं की जननी है: प्रो. राकेश जोशी

महाविद्यालय मजरा महादेव पौड़ी (गढ़वाल) संस्कृत विभाग में श्लोकोच्चारण तथा निबंध लेखन प्रतियोगिता
महाविद्यालय मजरा महादेव पौड़ी (गढ़वाल) संस्कृत विभाग में श्लोकोच्चारण तथा निबंध लेखन प्रतियोगिता


 

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संस्कृत भाषा सभी भारतीय भाषाओं की जननी है, तथा प्राचीन समय में यह भाषा जनसामान्य की भाषा थी। यह बात प्रो. राकेश जोशी ने राजकीय महाविद्यालय मजरा महादेव पौड़ी (गढ़वाल) संस्कृत विभाग में श्लोकोच्चारण तथा निबंध लेखन प्रतियोगिता की अध्यक्षता करते हुए कही।

सरहद का साक्षी, विक्रम सिंह रावत @पौड़ी 

कार्यक्रम का संचालन संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. चन्द्र बल्लभ नैनवाल द्वारा किया गया, उन्होंने कहा कि विश्व साहित्य के सर्व प्राचीन ग्रंथ, चारों वेद संस्कृत भाषा में ही प्राप्त होते हैं और वर्तमान युग में भी संस्कृत भाषा को ही कंप्यूटर के लिए उपयुक्त भाषा माना गया है। संस्कृत भाषा भारत की प्राण भूत भाषा है। उक्त कार्यक्रम में महाविद्यालय के संस्कृत विभाग के सभी छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के मूल्यांकन समिति के रूप में हिंदी विभाग के प्रो. सुरेश चंद्रा, राजनीति विज्ञान के प्रो. इंद्रपाल सिंह रावत, समाजशास्त्र विभाग के प्रो. आदित्य शर्मा, भूगोल विभाग के प्रो. डॉ दीपक कुमार के द्वारा सहयोग किया गया।

श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान शिवानंद जुयाल बी.ए. प्रथम वर्ष, द्वितीय स्थान पर कविता पंत बी.ए. तृतीय वर्ष, तथा तृतीय स्थान पर नितिन पंत बी.ए प्रथम वर्ष के रहे। निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर नितिन पंत, तथा द्वितीय स्थान पर शिवानंद जुयाल, तृतीय स्थान पर कविता पंत रही

श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान शिवानंद जुयाल बी.ए. प्रथम वर्ष, द्वितीय स्थान पर कविता पंत बी.ए. तृतीय वर्ष, तथा तृतीय स्थान पर नितिन पंत बी.ए प्रथम वर्ष के रहे। निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर नितिन पंत, तथा द्वितीय स्थान पर शिवानंद जुयाल, तृतीय स्थान पर कविता पंत रही।

महाविद्यालय के शिक्षणेतर कर्मचारियों में विक्रम सिंह रावत, उदयराम पंत, मनोज रावत, वीरेंद्र सिंह ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।

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