श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS special Camp) के विशेष शिविर का उद्घाटन

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श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS special Camp) के विशेष शिविर का उद्घाटन

श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय का राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS special Camp) का विशेष शिविर

श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर महावीर सिंह रावत, महापौर नगर निगम ऋषिकेश श्रीमती अनीता ममगाई, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के सहायक परीक्षा प्रभारी डॉ हेमंत बिष्ट द्वारा दीप प्रज्वलित कर राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय विशेष शिविर का उद्घाटन किया। पंडित ललित मोहन शर्मा श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर ऋषिकेश के सभागार में भरत मंदिर इंटर कॉलेज ऋषिकेश में लगने वाले एनएसएस (NSS special Camp) के सात दिवसीय विशेष शिविर की शुरुआत हुई।

इस अवसर पर शिविरार्थियों द्वारा अतिथियों का एनएसएस बैच लगाकर स्वागत किया।एवं सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत, लक्ष्य गीत, संकल्प गीत व विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

मुख्य अतिथि महापौर नगर निगम श्रीमती अनीता मंगाई ने छात्र छात्राओं को जागरूक करते कहा स्वच्छता को लेकर तन और मन से स्वच्छ होना हमारा परम कर्तव्य है।स्वच्छता कोई काम नहीं है, जो पैसे कमाने के लिये किया जाए बल्कि, ये एक अच्छी आदत है जिसे हमें अच्छे स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवन के लिये अपनाना चाहिये। स्वच्छता पुण्य का काम है जिसे जीवन का स्तर बढ़ाने के लिये, एक बङी जिम्मेदारी के रुप में हर व्यक्ति को इसका अनुकरण करना चाहिये।

उन्होंने छात्र-छात्राओं को संकल्प दिलाया ना हम गंदगी करेंगे नहीं लोगों को करने देंगे हम खुद जागरूक होंगे और औरों को भी जागरूक करेंगे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेशन महावीर सिंह रावत ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र के निर्माण में राष्ट्रीय सेवा योजना की महती भूमिका है। यह छात्र को व्यक्तिगत रूप से और एक समूह के रूप में भी बढ़ने में मदद करता है राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाना है।

एनएसएस के माध्यम से विद्यार्थी शिक्षा के साथ राष्ट्र निर्माण एवं चेतना के लिए सामुदायिक कार्यों में सहभागी बन सकते हैं। अपना व्यक्तित्व विकास सुनिश्चित कर सकते हैं।

एनएसएस गतिविधियों के तहत विभिन्न कार्यों के लिए स्वेच्छा से छात्रों को आत्मविश्वास बनने, नेतृत्व कौशल विकसित करने और शिविर में मिलजुलकर रहने से आपसी सौहार्द बढ़ता है। शिविरार्थियों को समाज व राष्ट्र की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने को कहा।

कहा कि युवाओं को सात दिवसीय इस शिविर में काफी कुछ सीखने को मिलेगा। ऐसे में जरूरी है कि वह गुरुजनों द्वारा दिए गए निर्देशों का गंभीरता से पालन करें। डॉ हेमंत बिष्ट ने कहा कि छात्र जीवन में एनएसएस का अपना विशेष महत्व है।

छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ समाज के बारे में जानने व उनकी समाज के प्रति क्या जिम्मेदारियां हैं, इसकी जानकारी हासिल होती है। उन्होंने युवाओं से शिविर का लाभ उठाने का आह्वान किया।वरिष्ठ कार्यक्रमअधिकारी डॉ अशोक कुमार मेंदोला ने कार्यक्रम की रूपरेखा अतिथियों एवं स्वयंसेवीओ के सामने रखी।

डॉ मेंदोला ने बताया कि सात दिवसीय शिविर मे प्रत्येक दिन श्रमदान, व्यायाम, योगा, बौद्धिक सत्र, प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएगी साथ ही वृक्षारोपण, पौधों की देखभाल, पर्यावरण संरक्षण, नेत्रदान, रक्तदान, मौसमी बीमारियों से देखभाल, जल संरक्षण, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, एक भारत श्रेष्ठ भारत, स्वच्छता अभियान, महिला सशक्तिकरण आदि विषयों पर जागरूकता रैली का आयोजन किया जाएगा।

इस अवसर पर प्रो देव मणि त्रिपाठी ,प्रो संगीता मिश्रा, प्रो पूनम पाठक ने भी एनएसएस के महत्त्व,स्थापना व मुख्य उद्देश्य पर अपने विचार शिविरार्थियों के मध्य प्रस्तुत किए।

मंच का संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ प्रीति खंडूरी एवं धन्यवाद एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ पारूल मिश्रा द्वारा दिया गया। विशेष शिविर में 150 छात्र-छात्राएं प्रतिभाग कर रहे हैं।

इस मौके पर श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय एनएसएस समन्वयक डॉ गौरव वार्ष्णेय, प्रो पुष्पांजलि आर्य, प्रो स्मिता बडोला, डॉ पुष्कर गोड, प्रो सुरमान आर्य, प्रो अहमद परवेज, गौरव कैंतूरा, अजय बडूनी एवं 215 स्वयंसेवियों ने प्रतिभाग किया।

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