शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. राधाकृष्णन का योगदान अभूतपूर्व है: डॉ शशिबाला वर्मा 

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शिक्षा के क्षेत्र में डॉ राधाकृष्णन का योगदान अभूतपूर्व है: डॉ शशिबाला वर्मा 

पोखरी क्वीली: शहीद बेलमती चौहान राजकीय महाविद्याल पोखरी क्वीली की प्राचार्य डॉ शशिबाला वर्मा ने कार्यक्रम का प्रारंभ करते हुए डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया।

सरहद का साक्षी, नरेंद्र बिजल्वान @पोखरी 

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक और कर्मचारियों ने एक-एक कर श्रद्धासुमन अर्पित किये। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ शशिबाला वर्मा ने डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन को विनम्र श्रद्धांजलि देते हुये उनके जीवन से जुड़ी बातों में जैसे कि शिक्षा के क्षेत्र में भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले डॉ. राधाकृष्णन एक महान शिक्षक होने के साथ-साथ आज़ाद भारत के पहले उपराष्ट्रपति तथा दूसरे राष्ट्रपति भी थे। शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. राधाकृष्णन का योगदान अभूतपूर्व है। शिक्षा और राजनीति में उत्कृष्ट योगदान देने वाले डॉ. राधाकृष्णन को देश की प्रगति में अहम भूमिका निभाने के लिए 1954 में भारत के सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाज़ा गया था। इस तरह की जानकारियां छात्र-छात्राओं को अपने उद्धबोधन से दी। इसी कार्यक्रम के अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य के द्वारा विगत वर्ष में अपने कर्तव्यों, व्यवहार, अनुशासन से सदैव महाविद्यालय के प्रति समर्पित रहने वाले प्राध्यापक के प्रति ऑफिस स्टाफ़ से वोटिंग करवाकर रिजल्ट तैयार किया। जिसमें डॉ राम भरोसे असिस्टेंट प्रोफेसर हिन्दी सर्वाधिक मतों से चयनित हुये। एवं टीचिंग स्टाफ से वोटिंग करवा कर नॉन टीचिंग स्टाफ में से श्री मूर्ति लाल चयनित हुये।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ शशिबाला वर्मा द्वारा डॉ राम भरोसे विभागाध्यक्ष हिन्दी व श्री मूर्ति लाल को सम्पूर्ण स्टाफ औऱ छात्र-छात्राओं के समुख स्मृति चिन्ह भेंट स्वरूप देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राध्यापिका श्रीमती सरिता, डॉ.सुमिता पंवार, डॉ. वंदना सेमवाल, डॉ.मुकेश सेमवाल, डॉ. विवेकानंद भट्ट, श्रीमती रचना राणा वरिष्ट सहायक, श्रीमती रेखा नेगी, अंकित कुमार, अमिता, नरेन्द्र बिजल्वाण, श्रीमती सुनीता असवाल, दीवान सिह, मूर्ति लाल, राजेन्द्र प्रसाद कुमारी अक्षा, आदि उपस्थित रहे।

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