वीरचंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिक एवं वानिकी विश्वविद्यालय रानीचौरी द्वारा इंटर कालेज गजा में जैविक व रासायनिक खेती के लाभ हानि विषयक संगोष्ठी का आयोजन

वीरचंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिक एवं वानिकी विश्वविद्यालय रानीचौरी द्वारा इंटर कालेज गजा में जैविक व रासायनिक खेती के लाभ हानि विषयक संगोष्ठी का आयोजन
वीरचंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिक एवं वानिकी विश्वविद्यालय रानीचौरी द्वारा इंटर कालेज गजा में जैविक व रासायनिक खेती के लाभ हानि विषयक संगोष्ठी का आयोजन


 

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वीरचंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिक एवं वानिकी विश्वविद्यालय रानीचौरी द्वारा अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कालेज गजा के प्रांगण में कृषकों को कृषि के प्रति जागरूक करने एवं जैविक खेती व रासायनिक खेती के लाभ हानि विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

सरहद का साक्षी, डी.पी. उनियाल @गजा

प्राकृतिक खेती विषय पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारिका नाथ,पंतनगर परिसर रानी चौरी के डा अजय कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया, कार्यक्रम शुभारंभ करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारिका नाथ ने अपने सम्बोधन में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के जागरुकता अभियान चलाया जाना सराहनीय कार्य है उन्होंने पंतनगर परिसर रानी चौरी से आये बैज्ञानिकों व प्रशिक्षु छात्राओं को धन्यवाद दिया, पंतनगर परिसर रानीचौरी से आये बैज्ञानिकों डा अजय कुमार, शिखा, डा सचिन कुमार, दीक्षा ने विस्तार से प्राकृतिक खेती विषय पर जानकारी दी तथा बताया कि जीवामृत और बीजामृत बनाने की प्रक्रिया कैसे करनी है।

परिसर से आयी क़ृषि शोधकर्ता छात्राओं कु. प्रतिक्षा गौड़, मोनिका रौथाण, कोमल तिवारी, आरची प्रीति कौर, अन्नन्या भट्ट ने नुक्कड़ नाटकों व जन गीतों के माध्यम से किसानों का महत्व समझाया।

इस अवसर पर अभिभावक संघ गजा के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह खाती ने अपने सम्बोधन में कहा कि जैविक खेती करने से हमें स्वास्थ्य वर्धक अनाज मिलता है जो कि स्थानीय व्यवसाय से ही सम्भव है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील करते हुए कहा कि परंपरागत बीजों का भंडारण व उपयोग ज़रुरी है, आज हमारे कई बीजों को संरक्षण नहीं मिल पा रहा है।

इंटर कालेज गजा की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया तथा कुमारी शिल्पा चौहान ने किसानों पर एक कविता प्रस्तुत की। जागरुकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में कालेज के शिक्षक, शिक्षिकाओं छात्र छात्राओं तथा गांव के लोगों ने भी प्रतिभाग किया।

संगोष्ठी में आनन्द सिंह खाती,अमर देव उनियाल, सुभाष चंद्र वैलवाल,विनीत रतूड़ी जयबीर सिंह, उपस्थित रहे।

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