राष्ट्रभाषा हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर किया गया कविता पाठ और काव्य गोष्ठी का आयोजन

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राष्ट्रभाषा हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर किया गया कविता पाठ और काव्य गोष्ठी का आयोजन

राष्ट्रभाषा हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर किया गया कविता पाठ और काव्य गोष्ठी का आयोजन

हिंदी साहित्य भारती टिहरी (उत्तराखंड) तथा कवियों की चौपाल साहित्य मंच के द्वारा किया गया आयोजन

काव्य गोष्ठी में सम्मिलित हुए लब्धप्रतिष्ठित कवि और कवित्रियां

बेलीराम राम कंसवाल और ममता जोशी थे संयोजक और संचालक

चम्बा: राष्ट्रभाषा और राजभाषा हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। “हिंदी साहित्य भारती टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड” तथा “कवियों की चौपाल साहित्यिक मंच” के संयुक्त प्रयास से बहुत सुंदर कार्यक्रम आयोजित हुआ।

देश- विदेश से अनेक प्रतिष्ठित कवि और कवित्रियों ने अपनी कविताओं का वाचन कर रसास्वादन करवाया। राष्ट्रभाषा हिंदी को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया गया।

सांय 8:00 बजे से 10:00 बजे तक काव्य गोष्ठी का आयोजन गूगल मीट के द्वारा संपन्न हुआ। संयोजक श्री बेलीराम कंसवाल और संचालक ममता जोशी ने सुंदर ढ़ंग से किया। लगभग सभी कविताएं, हिंदी भाषा के महत्व इसकी उपयोगिता, समन्वय की भावना तथा राष्ट्रीय विकास में राजभाषा के योगदान पर आधारित रही। इसके अलावा संस्कृति, शिक्षा, जन सरोकार, राजकाज में हिंदी आदि पर भी उद्देश्य पूर्ण कविता वाचन हुआ।

हिंदी साहित्य भारती की ओर से कविता भट्ट, शैलपुत्री (अध्यक्ष) दिनेश पाठक (महामंत्री) तथा प्रदेश मंत्री और संयोजक बेलीराम राम कंसवाल का गोष्ठी को आयोजित करने में सराहनीय प्राप्त प्रयास रहा। विभिन्न कवि और कवित्रियों ने अपने अंदाज में कविताएं प्रस्तुत की और राजभाषा के रूप में हिंदी के सशक्तिकरण का आह्वान किया।

प्रमुख कवि- कवित्रियों में चंपा पांडे, डा.सत्यानंद बडोनी, नैना कंसवाल, प्रियंका भट्ट, गुरुमणी नौटियाल, अनीता जोशी, डॉ सुनील, कैलाशपति मैठानी, संजय चौधरी, अजीत रावत, ममता जोशी, सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ आदि सम्मिलित हुए। मुंबई से सम्मिलित हुए शंभू शरण रतूड़ी ने कार्यक्रम के सुंदर आयोजन के लिए धन्यवाद करते हुए अपना आशीर्वाद दिया तथा प्रदेश मंत्री व संयोजक डॉक्टर बेलीराम कंसवाल के सार्थक प्रयासों की सराहना की।

*रिपोर्ट: सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’

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