मानसून 2022 के मध्यनजर 15वीं वाहिनी, NDRF को आपदा से निपटने के लिए उधमसिंह नगर के गदरपुर में किया गया स्थापित

मानसून 2022 के मध्यनजर 15वीं वाहिनी, NDRF को आपदा से निपटने के लिए उधमसिंह नगर के गदरपुर में किया गया स्थापित
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15वीं वाहिनी, NDRF को आपदा से निपटने के लिए उत्तराखण्ड राज्य, जिला उधमसिंह नगर के गदरपुर में स्थापित किया गया है। 15वीं वाहिनी, NDRF द्वारा मानसून 2022 के मध्यनजर उत्तराखण्ड के अति संवेदनशील एवं संवेदनशील क्षेत्रों को देखते हुए 06 टीमों को अलग-अलग जिलों (अल्मोड़ा, पिथौरागढ, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग (केदारनाथजी) एवं आर.आर.सी. झाझरा (देहरादून) में समस्त साजो सामान के साथ तैनात किया है। प्रत्येक टीम में एक विशेष प्रकार की क्षमता है जो कि अलग-अलग प्रकार की आपदाओं से निपटने के लिए सक्षम है, जिससे कि आपदा के समय एन०डी०आर०एफ० टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए राहत एवं बचाव कार्य किये जा सकें।

वाहिनी कमाण्डेंट श्री सुदेश कुमार दराल के दिशा निर्देशन में NDRF के 02 अधिकारियों और 06 टीमों को गढ़वाल एवं कुमाऊं मण्डल में आपदा एवं राहत बचाव कार्य हेतु तैनात किया गया है। वर्तमान में उत्तराखण्ड पुलिस महानिदेशक के अनुरोध एवं एन०डी०आर०एफ० प्रमुख श्री अतुल करवाल, भा०पु०से० के निर्देशन पर 15वीं वाहिनी, एन०डी०आर०एफ० की एक विशेष टीम को चारधाम यात्रा हेतु श्री केदारनाथजी में तैनात किया गया है।

NDRF टीम द्वारा यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को काफी मदद पहुंचायी जा रही है, जिससे वहाँ के सिविल प्रशासन को यात्रा को सुचारू रूप से चलाने में काफी मदद मिल रही है तथा यात्रा में गये श्रद्धालुगण स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। एन०डी०आर०एफ० के कार्य को देखते हुए स्थानीय जनता एवं श्रद्धालुओं द्वारा भूरी-भूरी प्रशंसा की गई है। यहाँ बता दें कि NDRF को लोकप्रियता तथा मानवीय कार्यों में सेवा के प्रति समर्पण के कारण ही ‘Angels in Orange’ देवदूत भी कहा जाता है।

इसके अतिरिक्त NDRF द्वारा पूरे वर्ष राज्य के सभी जिलों में समुदाय की आपदा से निपटने की क्षमता में विकास किया जा रहा है जिससे यहां के सभी लोगों को आपदा से निपटने हेतु सक्षम एवं कुशल बनाया जा रहा है। क्षमता वृद्धि कार्यक्रम के दौरान अलग अलग प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम जैसे की सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम तथा बच्चों को स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम के माध्यम से विकसित किया जा रहा है।

15वीं वाहिनी द्वारा वर्ष 2022-23 के दौरान उत्तराखण्ड राज्य के अल्मोड़ा, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग तथा देहरादून जिलों में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा किये जाने वाले नाक अभ्यास में प्रतिभाग किया जायेगा। इस वर्ष एन०डी०आर०एफ० के द्वारा राज्य के 26 विद्यालयों में स्कूल सेफ्टी कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं इसके अतिरिक्त राज्य सभी जवाहर नवोदय विद्यालयों में एन०डी०आर०एफ० तथा नवोदय विद्यालय समिति द्वारा किये गये MOU के तत्वाधान में नवोदय विद्यालय के शिक्षको तथा विद्यार्थियों के लिए 01 दिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण भी आयोजित किये गये।

15वीं वाहिनी के कमाण्डेंट श्री सुदेश कुमार दराल ने अवगत कराया कि अगामी 29 जुलाई 2022 को राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन मॉक अभ्यास एक बड़ा कार्यक्रम राज्य में होने जा रहा है जिसमें कि राज्य के सभी स्टेकहोल्डर को बढ़ चढ़कर प्रतिभाग करना चाहिए तथा पूर्व में बनाये गये आपदा प्रबंधन योजना, मानक प्रचलन प्रक्रिया तथा राज्य के संसाधनों की आपदा के प्रति तैयारी को चेक करने का यह एक सुनहरा अवसर है, साथ ही उन्होंने यह भी अवगत किया कि किसी भी आपदा के दौरान समुदाय ही पहला रिस्पांडर होता है तथा 15वीं वाहिनी का एक लक्ष्य उत्तराखण्ड राज्य के स्थानीय नागरिकों तथा समुदाय को आपदा के प्रति सशक्त बनाना है ताकि आपदा की आपदा के दौरान होने वाले जन हानि तथा आर्थिक नुकसान को कम से कम किया जा सके।

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