बैंकों द्वारा बी.सी.,सी.एस.पी. का विवरण उपलब्ध न कराये जाने पर जिलाधिकारी द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए सात दिन के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश

बैंकों द्वारा बी.सी./सी.एस.पी. का विवरण उपलब्ध न कराये जाने पर जिलाधिकारी द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए सात दिन के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश
बैंकों द्वारा बी.सी./सी.एस.पी. का विवरण उपलब्ध न कराये जाने पर जिलाधिकारी द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए सात दिन के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश
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जिला स्तरीय सलाहकार एवं समीक्षा समिति तथा जिला स्तरीय आरसेटी सलाहकार समिति की त्रैमासिक बैठक

बैंकों द्वारा बी.सी./सी.एस.पी. का विवरण उपलब्ध न कराये जाने पर जिलाधिकारी द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए सात दिन के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल डॉ. सौरभ गहरवार की अध्यक्षता एवं विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय की उपस्थिति में आज जिला सभागार टिहरी गढ़वाल में जिला स्तरीय सलाहकार एवं समीक्षा समिति तथा जिला स्तरीय आरसेटी सलाहकार समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैंकों द्वारा बी.सी./सी.एस.पी. (ग्राहक सेवा केन्द्र) का विवरण उपलब्ध न कराये जाने पर जिलाधिकारी द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए सात दिन के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये। वहीं बैठक में यूको बैंक एवं इन्दुसेंड बैंक के अधिकारियों केे अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण तलब किया गया।

जिलाधिकारी द्वारा सभी बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वित्तीय साक्षरता कैम्प (एफएलसी) का रजिस्टर व्यवस्थित करें तथा फोटोग्राफ्स भी उपलब्ध करायें। कहा कि अगले 10 दिन के एफएलसी का रोस्टर बनाकर विभागों को भी उपलब्ध करायें, ताकि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण मौके पर ही हो सके। डिजिटल बैंकिंग के तहत जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि हर बैंक के खाताधारक का विवरण, क्रेडिट/डेबिट कार्ड धारक, भीम एप, इंटरनेट बैंकिंग, सेविंग/कंरट एकाउंट आदि विवरण उपलब्ध हो।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी बैंकर्स को निर्देशित किया कि बैंंक द्वारा ऋण मंजूर किये गये आवेदनों को 10 दिन के भीतर पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। जीएम डीआईसी को निर्देशित किया गया कि सभी बैंकों से समन्वय कर बैंकों द्वारा ऋण मंजूर किये गये आवेदनों में से कितनों की अदायगी की गई है, का डाटा लेकर अपने डाटा से मिलान कर रिपोर्ट तैयार करें।

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना की समीक्षा के दौरान उरेडा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि सभी बैंकों से समन्वय कर आवेदन स्वीकृत करने में आ रही समस्याओं को चेक करें। सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि कृषकों को नाबार्ड के माध्यम से ट्रेनिंग करवा सकते हैं, इस हेतु एलडीएम को नाबार्ड की गाइड लाइन विभागों को उपलब्ध कराने को कहा गया। पीएम कृषि बीमा योजना के तहत मुख्य कृषि अधिकारी को निर्देशित किया गया कि के.सी.सी. धारकों को चिन्ह्ति करने को लेकर पर्सनली देखें तथा निर्धारित फोरमेट बैंकों को उपलब्ध करायें।

बैठक में क्रमवार वित्तीय समायोजन योजना, डिजिटल वित्तीय शिक्षा, डिजिटल बैंकिंग, वार्षिक ऋण योजना प्रगति समीक्षा, ऋण जमा अनुपात, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना/नैनो योजना, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, एन.यू.एल.एम. योजनान्तर्गत प्रेषित आवेदन, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली योजना वाहन/गैरवाहन, होमस्टे योजना, स्पेशल कम्पोनंेट प्लान, पीएमस्वनिधि, पीएम सूक्ष्म खाद्य उधयम उन्नयन योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम कृषि बीमा योजना आदि योजनाओं में बैंकों द्वारा की गयी प्रगति एवं अन्य विषयों पर चर्चा/समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी द्वारा कम प्रगति वाले बैंक एवं विभागीय अधिकारियों को प्रगति लाते हुए शतप्रतिशत लक्ष्यांे को हांसिल करने के निर्देश दिये गये। इस मौके पर जिला स्तरीय आरसेटी सलाहकार समिति के प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी चर्चा की गई।

ऋण जमा अनुपात की समीक्षा के दौरान विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय द्वारा सुझाव दिया गया कि जो बं्राच अच्छा काम कर रही है, उसको तथा ऋणकर्ता को सम्मानित किया जाना चाहिए।

बैठक में सीडीओ मनीष कुमार, ब्लॉक प्रमुख चम्बा शिवानी बिष्ट, पीडी डीआरडीए प्रकाश रावत, एलडीएम कपिल मारवाह, मैनेजर आरबीआई विकास त्यागी, डीडीएम नाबार्ड ए.एन. शुक्ला, जीएम चीफ मैनेजर एसबीआई रजनीश कांत, सीओ पीएनबी टिहरी सीपी उनियाल, डीआईसी महेश प्रकाश, सीएओ अभिलाषा भट्ट, सीवीओ आशुतोष जोशी, डीएचओ पी.के. त्यागी, डीटीडीओ अतुल भण्डारी, मैनेजर यूबीआई सौरभ जंगपांगी, डिप्टी जीएम डीसीबी संजीव सिंह सहित अन्य बैंकों के अधिकारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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