बच्चों को मजबूत आधार प्रदान कराती है स्वामी विवेकानंद एकेडमी चंबा

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बच्चों को मजबूत आधार प्रदान कराती है स्वामी विवेकानंद एकेडमी चंबा
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बच्चों को मजबूत आधार प्रदान कराती है स्वामी विवेकानंद एकेडमी चंबा

क्षेत्र के महत्वपूर्ण निजी शिक्षण संस्थानों में से है एक

नर्सरी से कक्षा आठ तक अंग्रेजी माध्यम का है यह विद्यालय

750 बच्चे, 30 शिक्षक कर्मचारी वर्ग है कार्यरत

विद्यालय के लिए पूर्ण समर्पित है प्रधानाचार्य आशा डबराल सिलस्वाल

अपनी पुस्तक “प्रतिबिंब” विद्यालय को भेंट करने के अवसर पर मिला अवलोकन का अवसर

चम्बा, सो.ला.सकलानी ‘निशांत’:  टिहरी गढ़वाल के हृदय स्थल चंबा में स्वामी विवेकानंद अकैडमी का अपना विशिष्ट महत्व है। नर्सरी से कक्षा 8 तक, पूर्ण रूप से अंग्रेजी माध्यम से इस संस्था में शिक्षा प्रदान कराई जाती है। अपनी स्थापना से आज तक यह संस्था ने बच्चों के चहुंमुखी विकास करने के लिए सतत क्रियाशील है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह संस्थान बच्चों को मजबूत आधार प्रदान करता है।

इस संस्था में पढकर बच्चे जब माध्यमिक और उच्च स्तर पर विद्यार्जन के लिए जाते हैं तो उन्हें कोई परेशानी नहीं होती है। अंग्रेजी भाषा का सम्यक ज्ञान और क्लियर कॉन्सेप्ट के कारण स्वामी विवेकानंद अकादमी के पढे हुए बच्चे स्वयं को शीघ्र स्थापित कर लेते हैं।

विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती आशा डबराल सिलस्वाल अपनी संस्था के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उन्नायकों में उनका नाम है और अत्यंत संवेदनशील महिला हैं। शिक्षा के क्षेत्र में चंबा में उनका विशिष्ट नाम है। वर्षों तक उन्होंने मॉडर्न स्कॉलर एकेडमी में अपनी सेवाऐं दी और यदि यह कहें कि उस संस्था को भी स्थापित करने में आपका बड़ा योगदान रहा तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। अपने हूनर और कठोर परिश्रम के द्वारा आपने चंबा में 8th स्टैंडर्ड तक का निजी स्कूल संचालित किया, जिस संस्था में प्रवेश लेने के लिए अभिभावक समय पूर्व ही मन बना लेते हैं। मसूरी स्थित हैंपटन कोर्ट की तर्ज पर यह संस्था एक आदर्श और गौरवान्वित शिक्षण संस्थान है। भले ही रेजिडेंशियल फैसेलिटीज विद्यालय में नहीं है और फिलहाल इसकी चंबा में जरूरत भी नही है। प्रधानाचार्य आशा डबराल सिलस्वाल ने ढांचागत, संस्थागत आधार विद्यालय को प्रदान किया। भूमि से लेकर भवन और क्रीड़ागंन से लेकर बच्चों के चंंहुमुखी विकास के लिए हर प्रकार की गतिविधियों का केंद्र इस विद्यालय को बनाया।

जब मैं शिक्षा के बारे में विभिन्न संस्थाओं में सम्मानित प्रधानाचार्ओं और विद्वान शिक्षकों से रूबरू होता हूं और उनके अभिनव प्रयोगों को अभिभावकों, पाठकों और जनसाधारण तक पहुंचता हूं तो मुझे आत्म संतुष्टि होती है। साथ ही प्रेरणा भी मिलती है कि यदि मन में जज्बा है तो कुछ भी असंभव नहीं है।

स्वामी विवेकानंद एकेडमी भले ही कक्षा 8 तक का विद्यालय है लेकिन वर्तमान सत्र में यहां 750 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। 30 सदस्यीय शिक्षक और शिक्षणेत्तर स्टाफ कार्यरत है। बच्चों के लिए बैठने के लिए सुसज्जित कक्षा- कक्ष, फर्नीचर, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, खेल का सामान और अन्य क्रियाकलापों के लिए सभी सामग्री विद्यालय में मौजूद है। स्वच्छता में भी विद्यालय अग्रणीय शिक्षण संस्थानों में से एक है। बच्चों का बौद्धिक स्तर भी सामान्य से बहुत ऊंचा है। सबसे बड़ी विशेषता यह है कि गुणात्मक शिक्षा प्रदान करना विद्यालय का ध्येय है। अनेकों अभिनव प्रयोगों के द्वारा सैक्शन वाइज बच्चों को स्थानांतरित किया जाता है और जब तक बच्चा पूर्ण रूप से पाठ्यवस्तु, पाठ्यक्रम, विषय वस्तु, भाषा- गणित आदि विषयों में अपने दर्जे में पारंगत नहीं हो जाता है, उसे आगे बढ़ाने के लिए दिन-रात कोशिश की जाती है। विद्यालय के नियत समय के बाद भी शिक्षक-शिक्षिकाएं सामान्य छात्रों की विशेष कोचिंग के द्वारा, उत्कृष्ट छात्रों के समक्ष लाने का प्रयास करते हैं जिसका अनुश्रवण स्वयं विद्यालय के प्रधानाचार्या नियमित करती है।

विद्यालय के अध्यक्ष वीरेंद्र बेलवाल भी अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हैं और व्यवस्थापक के रूप में प्रकांड विद्वान शिक्षाविद और सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य बालकृष्ण नौटियाल समय-समय पर विद्यालय के शैक्षिक और भौतिक स्वरूप पर पैनी नजर रखते हैं। दिशा- निर्देश प्रदान करते हैं।

स्वामी विवेकानंद अकैडमी बुनियादी शिक्षा के लिए एक बेहतर संस्थान है और मजबूत बुनियाद पर ही सुदृढ इमारत खड़ी की जा सकती है। पूर्ण रूप से सीबीएसई कोर्स और वह भी पूर्ण रूप से अंग्रेजी माध्यम के द्वारा विद्यालय में शिक्षा दी जाती है।

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