फायर सीजन को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय वनाग्नि सुरक्षा समिति की बैठक

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फायर सीजन को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय वनाग्नि सुरक्षा समिति की बैठक

फायर सीजन को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय वनाग्नि सुरक्षा समिति की बैठक

नई टिहरी। फायर सीजन को लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला स्तरीय वनाग्नि सुरक्षा समिति की बैठक आहूत की गई। जिलाधिकारी ने सभी सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों से वनाग्नि सुरक्षा को लेकर चर्चा करते हुए विभागों द्वारा की गई तैयारियों की जानकारी ली।

जिला सभागार टिहरी गढ़वाल में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागांे आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा ताकि वनाग्नि की घटनाओं को न्यून किया जा सके।

पुलिस विभाग को वनाग्नि की घटनाओं को लेकर नोडल अधिकारी नामित कर वन विभाग से समन्वय कर अप्राकृतिक रूप से वनाग्नि की घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ मुकदमें दर्ज करने को कहा गया। लेपर्ड द्वारा कोई जनहानि/पशुहानि न हो, इस हेतु जिलाधिकारी ने संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को अलर्ट करने, गश्त करने, कैमरा ट्रेप करने, सड़कों पर झाड़ी कटान करवाने को कहा गया।

इसके साथ ही वन विभाग द्वारा स्थापित मास्टर कन्ट्रोल को जिला आपदा कन्ट्रोल रूम से जोड़ते हुए आवश्यक कार्यवाही करने, वनाग्नि से पूर्व एवं मध्य में क्रु स्टेशनवार माॅक ड्रिल करवाने तथा फायर वाचकों को अवगत कराने को कहा गया। फायर सीजन के चलते चिकित्सा विभाग को नोडल अधिकारी नामित कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि से कोई भी जनहानि एवं पशुहानि न हो तथा कोशिस करें कि गत वर्ष में घटित वनाग्नि की घटनाओं के सापेक्ष वनाग्नि घटनायें जीरो प्रतिशत हो।

डीएफओ टिहरी पुनीत तोमर ने वनाग्नि सुरक्षा को लेकर की गई तैयारियों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम स्तर पर 250 से अधिक कमेटीयां गठित की गई हैं तथा वनाग्नि प्रबन्धन को लेकर अग्रिम उपाय की कार्यवाही कर ली गई है। इसके अलावा वनाग्नि और लेपर्ड की घटनाओं को रोकने के लिए गोष्ठियां भी आयोजित की जा रही है। उन्होंने जिला स्तरीय फायर प्लान हेतु वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 का 2128.40 लाख का प्रस्ताव अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया गया।

उन्होने बताया कि वनाग्नि काल 15 फरवरी से 15 जून तक रहता है तथा बारिश न होने पर आगे तक भी चला जाता है। बताया कि फरवरी, 2024 के अंत तक वनाग्नि नियत्रंण हेतु नियंत्रित दाहन कार्यवाही की जायेगी। जनपद में वनाग्नि की दृष्टि से अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की देख-रेख हेतु 180 क्रु स्टेशनों की स्थापना की गई, स्टाफ नियुक्त है।

बैठक में एडीएम के.के. मिश्रा, एसीएमओ दीपा रूबाली, एसडीएम टिहरी संदीप कुमार, अधिशासी अभियन्ता लो.नि.वि. योगेश, डीओ पीआरडी पंकज तिवारी, रेंजर ऑफिसर वन प्रभाग आशीष डिमरी, डीडीएमओ बृजेश भट्ट सहित अन्य संबंधित अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

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