प्रथम हिमालय प्रहरि सम्मान प्रतिष्ठित जमुनालाल बजाज पुरस्कार प्राप्त श्री धूम सिंह नेगी को मिलने पर हुआ एक सुखद एहसास

    एक सुखद एहसास: प्रथम
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    प्रथम हिमालय प्रहरि सम्मान प्रतिष्ठित जमुनालाल बजाज पुरस्कार प्राप्त श्री धूम सिंह नेगी जी: प्रख्यात पर्यावरणविद, गांधीवादी तथा समाज सुधारक स्वर्गीय सुंदरलाल बहुगुणा की स्मृति में पहला “हिमालय प्रहरि सम्मान” परम आदरणीय गुरु जी धूम सिंह नेगी को मिलने पर एक सुखद एहसास हुआ।

    सरहद का साक्षी @कवि:सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’

    श्री धूम सिंह नेगी नि:संदेह इस प्रथम पुरस्कार को प्राप्त करने के लिए सर्वाधिक योग्य थे और उनको उनकी सेवाओं के लिए यह पुरस्कार दिया जाना स्वर्गीय सुंदरलाल बहुगुणा जी को सच्ची श्रद्धांजलि है।

    पुरस्कारों की प्रसंगिकता तभी रहती है जब चयन सटीक और सुसंगत किया जाए। मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि पर्यावरण ,समाज सेवा, शिक्षा और लोक सामाजिकता के लिए आदरणीय धूम सिंह नेगी जी की सेवाएं भी उल्लेखनीय हैं।
    दस वर्ष पहले आदरणीय गुरु जी को मैंने अपने घर पर आमंत्रित कर, चंबा के गणमान्य व्यक्तियों के बीच, अपने विवाह “रजत जयंती” समारोह में स्वच्छता जन जागरूकता के लिए एक साधारण शौल ओढ़ा कर सम्मानित किया था। हर्ष का विषय है कि प्रतिष्ठित जमुनालाल बजाज पुरस्कार प्राप्त, श्री धूम सिंह नेगी जी को हिमालय प्रहरि सम्मान से नवाजा गया।

    मैं गुरु जी के स्वस्थ जीवन और शतायु होने की कामना करता हूं, उनका मार्गदर्शन सदैव मिलता रहता है और आने वाली पीढ़ी के लिए यह एक अनुकरणीय उदाहरण भी हैं। पर्यावरण संरक्षण, चिपको आंदोलन, नशा मुक्ति, महिला सशक्तिकरण, बीज बचाओ आंदोलन, आदि कार्यों के साथ डायरी लेखन में तो उनका कोई विकल्प नहीं है।

    उन्होंने स्वर्गीय सुंदरलाल बहुगुणा जी के साथ अनेकों पदयात्रा की। समय-समय पर अनेक विचार गोष्ठियों में वह उन्हें उद्धृरित भी करते हैं। श्री धूम सिंह नेगी जी स्वर्गीय सुंदरलाल बहुगुणा जी के करीबी साथी रहे। स्व. बहुगुणा जी उन्हें अपना हनुमान मानते थे।