“प्रतिबिंब” कहानी संग्रह ही नहीं बल्कि जीवन का प्रतिबिंब है: कुलपति

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“प्रतिबिंब” कहानी संग्रह ही नहीं बल्कि जीवन का प्रतिबिंब है: कुलपति

चंबा: गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर साहित्यकार सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ के कहानी संग्रह “प्रतिबिंब” का श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय मुख्यालय में कुलपति प्रो. एन के जोशी ने विमोचन किया। व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद उन्होंने समय दिया और पुस्तक की सफलता की कामना की।

कहा कि जीवन एक बिंब है और कहानी जीवन का प्रतिबिंब। श्री सकलानी की इन कहानियों में जीवन की हकीकत बयां होती है। इस कहानी संग्रह में लोक जीवन, लोक संस्कृति, लोक समाज, घटनाओं, शौर्य तथा पराक्रम पर आधारित कहानियां हैं जो समसामयिक और समसामयिक और समीचीन हैं। कहानी संग्रह पाठकों के अलावा छात्रों और शिक्षकों के लिए भी उपयोगी है। जीवन की हकीकत को बयां करती हुई ये कहानियां लोक समाज को रेखांकित करती हैं। शिक्षा, ग्रामीण जीवन, पहाड़ की जटिलताओं का जीवंत प्रमाण हैं और अपने परिवेश को रेखांकित करती हैं। समस्त कहानियां उत्कृष्ट और उद्देश्यपरक हैं। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. खेमराज भट्ट, डॉ. बी पी श्रीवास्तव, डॉ.हेमंत बिष्ट, डॉ.प्रमोद बेंजवाल, विश्वविद्यालय के अधिकारी कर्मचारी गण, गणमान्य व्यक्ति तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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