पेयजल कार्मिकों की अपर सचिव से सकारात्मक वार्ता के उपरान्त फिलहाल हड़ताल टली, धरना प्रदर्शन रहेगा जारी

92
पेयजल कार्मिकों की अपर सचिव से सकारात्मक वार्ता के उपरान्त फिलहाल हड़ताल टली, धरना प्रदर्शन रहेगा जारी

पेयजल कार्मिकों की अपर सचिव से सकारात्मक वार्ता के उपरान्त फिलहाल हड़ताल टली, धरना प्रदर्शन रहेगा जारी

देहरादून: पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार पेयजल कार्मिकों द्वारा आज पूरे प्रदेश के समस्त जनपदों/नगरों में रैली निकालकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। राजधानी देहरादून में भी पेयजल कार्मिकों द्वारा बढ़ी संख्या में उत्तरा जल संस्थान मुख्यालय, नेहरू कॉलोनी देहरादून में एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली गयी। रैली उपरान्त कलैक्ट्रेट परिसर पर जिलाधिकारी की प्रतिनिधि मजिस्ट्रेट श्रीमती स्मृति परमार को ज्ञापन दिया।

ज्ञापन में मुख्यमंत्री जी से अनुरोध किया गया कि देश के लगभग 24 राज्यों में पेयजल एवं सीवरेज व्यवस्था हेतु राजकीय एकीकृत विभाग स्थापित है जबकि उत्तराखण्ड राज्य में पेयजल/सीवरेज की बटुल भावस्था होने के कारण जारी एक और विभागों में आपसी सामंजस्य का अभाव है भी दूसरी ओर प्रदेश के आम जनमानस में भी भ्रम की स्थिति रहती है कि पेयजल सीवरेजोजना निर्माण क्रियान्वयन / रखरखाव हेतु किस जगाय (पकवत निगम अथवा जल संस्थान से सम्पर्क किया जाये। वर्ष 1974 तत्कालीन उत्तर प्रदेश राज्य में पेवजात एवं भाता हेतु ज्यायला शासन अभियन्त्रण विभाग के नाम से राजकीय विभाग ही था, जिसे तनानम् बह्य सहायरित परिजिना विशेष हेतु निगम में परिवर्तित किया गया। मात्र निगम होने की बाध्यता नहीं है। हायतित योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु

एकीकृत पेसनल विभाव में होने के कारण ही शहरी विकास विभाग द्वारा लगातार पेयजल निगम के क्षेत्र में अतिक्रमण किया एक सा है। शहरी विकास मिभान द्वारा पेयजल / सौपरेल कार्य UUSDA के माध्यम से संचालित कराए जा रहे है। जया संस्था द्वारा जनाए जा रहे कार्यों के निरीक्षण/पर्यवेक्ष आवश्यक तकनीकी अनुनय युक्त अभियन्ता तेनात नहीं है, अपितु अन्य विभाग से प्रतिनियुक्ति पर लाए गए अनियता दशा सरथा में कार्य कर रहे हैं। उक्त संस्था के अन्तर्गत कार्यता अधिकांश अभिया उनके द्वारा धारित पद के अनुरुष आवाज न्यूनतम तकनीकी अता एवं सौवरण / पेटल का अनुभव नहीं रखते है। परिणाम उक्त संख्या द्वारा कराएं पा रहे कार्यों की गुगकता स्तरीय नहीं पायी गयी है, जिस कारण निर्माण बार्थी में लापरवाही व तकनीकी अधानाम के फजदा शासकीय धन जी बांदी हो रही महीं अनियोजित एवं सुदिपूर्ण अनि निर्माण क कारण आम जनता को हो रही असुविधा के कारण सरकार की छवि भी पूक्ति होनी है। श्रीप निस्तारण हेतु अनुरोध किया गया

1. निगम एवं उत्तराखण् नाराज करते हुये एकीकरण किया जा 2. UUSDA द्वारा कराये जा रहे समस्त पेवाल/सीवरेज निर्माण कार्य उतराखण्ड पेयजल निगम के माध्यम से जान संस्थान द्वारा ही किया जाने तथा काही विकास विभान में वर्षों से प्रतिनियुक्ति पर ना अभियाओं को প্রকার জনক মূল নিभाग में अपित भेजा जाये सहरी विकास विभाग इADB पेयजल/सीवरेज कार्यो की जांच एसलाई गतित करके करायी जाने।

जीवन मिशन कार्यों के समयबद्ध होने के दृष्टिगत तथा कलापथा अस्त-व्यसन हो तथा आमजन को परेशान न हो. के दृष्टिय कार्यमहिष्कार वर्तमान में नहीं किया जायेगा तथा पूर्व से जारी धरणा कार्यक्रम प्रतिदिन 1000 बजे से 12:00 बजे जनपद नगरी में धावत जारी रहेगा। यदि दिनांक 31.01.2024 तक भी हातांकसमान नहीं किया जाता है, हो इन परिस्थितियों में दिनांक 01.02.2004 को मां की प्रभाधिकरण रानिति की बैठक में अग्रेसर आंदोलन पर परिस्थिती अनुसार निर्णय लिया जायेगा।

रैली में श्री रमेश रिजोला, श्री विजय माली, श्री रामकुमार, श्री शान सिंह नेगी ० डी० साल ई० सरिता तुला, इ राशि राणा, ई० मुनीश कुमार करारा २० शशिभूषण शाह राकेश तिवारी की जनसिंह श्रीलाल सिंह रौतेला, श्री शिशुवाल सिंह रावत, श्री विनोद सिंह, श्री अशीष तिवारी श्री धन सिंह चौहान् श्री संदीप मलोहजार श्री नन्द कुमार तिवारी, श्री जगत सिंह श्री पेश चन्द्र शर्मा, श्रीमती सरिता नेगी श्रीमती ममा भनी श्रीमती संतोष पुण्डीर, श्रीमती करता देवी, श्री संदीप कश्यप, श्री प्रवीण राय, श्री रासिभ कुमार, श्री जितेमा देश, नी डी०के० बंसज, संतोष पाण्डेय मौजूद रहे।

Comment