नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय मजरा महादेव में ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम का शुभारंभ

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नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय मजरा महादेव में 'स्वच्छता ही सेवा' कार्यक्रम का शुभारंभ
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नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय मजरा महादेव में ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम का शुभारंभ

पौड़ी, विक्रम सिंह रावत: नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालय, मजरा महादेव, पौड़ी (गढ़वाल) में आज ‘राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन’ ‘जल शक्ति मंत्रालय’ भारत सरकार के तत्त्वाधान में दिनांक 16 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

मंच का संचालन करते हुए नमामि गंगे के प्रभारी डॉ. चन्द्र बल्लभ नैनवाल ने कहा कि गंगा नदी भारत की राष्ट्रीय नदी है। इस नदी को भारतवासी सबसे पवित्र मानते हैं। गंगा नदी भारत की सबसे लंबी नदी है, इसकी लंबाई 2,525 किलोमीटर है। गंगा उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री ग्लेशियर से निकलती है।

गंगा नदी को पर्यावरण मंत्रालय ने सबसे अधिक प्रदूषित और खतरे में वाली नदी घोषित किया था। गंगा को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त रखने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महत्त्वपूर्ण योजना नमामि गंगे परियोजना बनाई गई थी। नरेंद्र मोदी जब वाराणसी से मई 2014 में संसद के लिए निर्वाचित हुए तब प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, ‘मां गंगा की सेवा करना मेरे भाग्य में है। नमामि गंगे परियोजना को वर्ष 2014 में शुरू किया गया था।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. के. सी. दुद्पुड़ी ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि नमामि गंगे परियोजना की शुरुआत गंगा नदी के प्रदूषण को कम करने तथा गंगा नदी को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से की गई थी। युवाओं और जनता की भागीदारी के माध्यम से एक गंगा नदी के प्रदूषण और संरक्षण की दिशा में योगदान देना और दूसरी ओर राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है।

महाविद्यालय के प्राध्यापकों में इंद्रपाल सिंह रावत, डॉ दीपक कुमार, डॉ प्रियंका भट्ट और डॉ. राकेश सिंह के साथ-साथ शिक्षणेतर कर्मचारी उदयराम पंत, विक्रम सिंह रावत, वीरेन्द्र सिंह, मनोज रावत ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। महाविद्यालय के छात्र- छात्राओं ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया।

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