नकोट कस्बे के बन्दर भी होंगे अब पिंजरे में कैद, वन विभाग को भेजा ज्ञापन

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नकोट कस्बे के बन्दर भी होंगे अब पिंजरे में कैद, वन विभाग को भेजा ज्ञापन
नकोट कस्बे के बन्दर भी होंगे अब पिंजरे में कैद, वन विभाग को भेजा ज्ञापन

मखलोगी पट्टी के प्रमुख ग्रामीण कस्बा नकोट के व्यापारियों एवं निवासितों को भी अब बंदरों के आतंक से निजात मिलने की उम्मीद जगने लगी है। इसकी मुहिम व्यापार सभा द्वारा वन विभाग को ज्ञापन भेजकर शुरू कर दी गई है।

आपको बता दें कि स्थानीय कस्बा नकोट ही नहीं आसपास के गांवों में भी बन्दरों को आतंक आये दिन बना रहता है। कस्बे में बन्दरों द्वारा स्थानीय व्यापारियों को हर समय नुकसान पहुंचाया जाना आम बात सी हो गई है। राह चलते स्कूली बच्चों एवं महिलाओं पर हमला एवं सामान को नुकसान पहुंचाना रोजमर्रा की गाथा है।

नकोट कस्बे के बन्दर भी होंगे अब पिंजरे में कैद, वन विभाग को भेजा ज्ञापनइसी मुहिम में बंदरों से निजात पाने के लिए नकोट व्यापार सभा अध्यक्ष कुलदीप मखलोगा, सामाजिक कार्यकर्ता दिलबीर मखलोगा, व्यापार सभा के सदस्य रविंद्र चौहान ने वन विभाग नई टिहरी को ज्ञापन प्रेषित करके स्थानीय कस्बे ने नकोट में बंदरों को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है। जिस पर उन्हें आश्वासन मिला है कि जल्द ही दो-तीन दिन के अंदर स्थानीय कस्बा नकोट में बंदरों के आतंक से निजात पाने के लिए पिंजरे लगाये जायेंगे। वन विभाग के अधिकारियों ने स्थानीय व्यापारियों एवं नागरिकों से इस मामले में सहयोग की अपेक्षा की है।

नकोट गांव में लगाये गए पिंजरों में कैद बन्दरों को वन विभाग द्वारा यहां से अन्यत्र शिफ्त किया जा रहा है। वन विभाग के डिप्टी रेंजर जसवंत सिंह पंवार ने बताया कि स्थानीय नागरिकों की मांग पर नकोट कस्बे में पिंजरा स्थापित किया जाएगा। उन्हांने स्थानीय व्यापारियों एवं नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे विभाग का सहयोग बनाये रखें। विभाग स्थानीय नागरिकों की हर संभव मदद को तत्पर है।

ग्राम पंचायत नकोट के पूर्व प्रधान दौलत सिंह मखलोगा ने वन विभाग के अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि वे जनहित के मद्देनजर हर समय विभाग के सहयोग को तैयार हैं। डिप्टी रेंजर जसंवत पंवार के साथ फोरेस्ट गार्ड सुमन पुण्डीर मौजदू थीं।

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