नई टिहरी में जिला/राज्य पर्यावरण योजना के तहत परामर्शी कार्यशाला का आयोजन, नगरपालिका मुनिकीरेती और गजा का बेस्ट परफोरमेंस

नई टिहरी में जिला/राज्य पर्यावरण योजना के तहत परामर्शी कार्यशाला का आयोजन, जनपदीय पर्यावरण योजना पर चर्
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एक दिवसीय कार्यशाला में जनपदीय पर्यावरण योजना पर चर्चा

जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल डॉ. सौरभ गहरवार की अध्यक्षता में जिला सभागार नई टिहरी में जिला/राज्य पर्यावरण योजना के तहत परामर्शी कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला पर्यावरण योजना को अन्तिम रूप दिये जाने से पूर्व जी.बी. पन्त राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान कोसी-कटारमल अल्मोड़ा द्वारा यह कार्यशाला आयोजित की गई। एक दिवसीय कार्यशाला में जनपदीय पर्यावरण योजना पर चर्चा की गई।

कार्यशाला में जी.बी. पन्त राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान कोसी-कटारमल के वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चन्द्र कुनियाल ने प्रजेंटेंशन के माध्यम से गीला और सूखा कचरा प्रबन्धन, घर-घर जाकर कचरे का पृथक्करण, बायोमेडिकल वेस्ट जनरेशन, इलेक्ट्रिक वेस्ट, वायु और ध्वनि प्रदूषण, भूजल सहित जल संसाधन प्रबंधन आदि की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि नगरपालिका मुनिकीरेती, चम्बा, नरेन्द्रनगर, देवप्रयाग का ड्राफ्ट प्लान अपलोड होे चुका है। बताया कि नगरपालिका मुनिकीरेती और गजा का बेस्ट परफोरमेंस है, मुनिकीरेती पिछले चार साल से गार्बेज फ्री सिटी के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त करती आ रही है।

जिलाधिकारी ने ईओ नगरपालिका मुनिकीरेती और गजा छोटे-छोटे वीडियो बनाकर दिखाने को कहा, ताकि अन्य भी प्रेरणा लेकर अपने-अपने क्षेत्र में अच्छा कार्य कर सकें। सूखा कचरा प्रबन्धन को लेकर ईओ गजा को निर्देशित किया गया कि सोर्स सेग्रीगेशन यूनिट लगाने हेतु दो सप्ताह के अन्दर योजना तैयार कर उपलब्ध करायें। जिलाधिकारी द्वारा जिला अस्पताल में ट्रायल के रूप मंे सामान्य जैव चिकित्सा अपशिष्ट उपचार सुविधा लगाने हेतु रिसर्च करने, कंस्ट्रक्शन एण्ड डेमोलिशन वेस्ट को लेकर डम्पिंग ग्राउंड हेतु जगह चिन्ह्ति करने को कहा गया।

इलेक्ट्रिक वेस्ट को लेकर एडीएम को निर्देशित किया गया कि चिन्ह्ति संस्थानों की सूची लेकर विभागों को उपलब्ध करा दें। डीडीओ को निर्देशित किया गया कि अपशिष्ट जल प्रबंधन को लेकर पिछले 03 साल का रिकार्ड संबंधित संस्थान को उपलब्ध करा दें। एआरटीओ को निर्देशित किया गया कि प्रदूषण नियंत्रण के स्थनों को साइनेज के माध्यम से प्रर्दशित करें। संस्थान द्वारा वायु और ध्वनि प्रदूषण को लेकर जनपद में एक कक्ष उपलब्ध कराने की मांग की गई, जिस पर जिलाधिकारी ने एडीएम को एक सप्ताह के अन्दर कक्ष की व्यवस्था करने तथा संस्थान के अधिकारियों को टेक्निकल स्टाफ एवं उपकरण रखने को कहा गया।

कार्यशाला में डीएफओ टिहरी डिवीजन वी.के. सिंह, एडीएम रामजी शरण शर्मा, डीडीओ सुनील कुमार, एआरटीओ चक्रपाणि मिश्रा, अधि.अभि.जल संस्थान सतीश नौटियाल, अधि.अधि. नगरपालिका टिहरी विनोद लाल, चम्बा शिवकुमार चौहान, नरेन्द्रनगर अमरजीत कौर, जी.बी. पन्त राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान कोसी-कटारमल से दलबीर फर्सवाण, मानव शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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