ढोल विधा में पारंगत शिवजनि आर्य को त्रिहरि प्रोडक्शन ने किया सम्मानित, सुनें “नौबत” की झलकियां

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ढोल विधा में पारंगत शिवजनि आर्य को त्रिहरि प्रोडक्शन ने किया सम्मानित, सुनें

ढोल विधा में पारंगत शिवजनि आर्य को त्रिहरि प्रोडक्शन ने किया सम्मानित, सुनें “नौबत” की झलकियां

घनसाली, लोकेन्द्र जोशी: अपनी ढोल विधा में पारंगत उत्तराखण्ड ग्राम – ढुंग, पट्टी- ग्यारह गांव जनपद टिहरी गढ़वाल के मूल निवासी श्री शिवजनी आर्य को त्रिहरि प्रोडक्शन के द्वारा शॉल भेंट कर सम्मानित किया।

त्रिहरि प्रोडक्शन के डायरेक्टर एवं प्रोड्यूसर विशालमणि नैथनी ने बताया कि रंगकर्मी, पहाड़ के जन नायक श्रद्धेय इंद्रमणि बडोनी, के द्वारा तैयार केदार नृत्य, जिसमें श्री शिवजनी आर्य के द्वारा अपनी टीम के साथ वर्ष 1957 में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल किया गया।

दिल्ली राजपथ पर केदार नृत्य प्रस्तुति से प्रभावित होकर देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी ने टीम के केदार नृत्य की परिधान पहनते हुए शिवानी जी के वाद्य यंत्र ढोल पर नृत्य कर झूम उठे थे।

शिवजनी आर्य अब उम्र के पड़ाव पर होने के बावजूद भी ढोल सागर की अपनी विधा में आज भी निपूर्ण हैं। लग भाग 85 वर्षीय आर्य को सम्मानित होने के अवसर पर उन्होंने अपने साथियों के साथ सांस्कृतिक रीति रिवाज के तहत सुबह से शाम तक के नित्य क्रम मे संपन्न होने वाले अलग समय की ढोल वाद्य यंत्र की बजाए जाने वाले कुछ “नौबत” की झलकियां प्रस्तुत की। जिसमें ढोल वादक शिवजनी आर्य, दमाउं वादक मंगल लाल मस्की वादक सुरेश सुराज हैं। और जिसे त्रिहरी प्रोडक्शन के द्वारा फ़िल्माकर प्रस्तुत किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में त्रिहरि प्रोडक्शन के लेखक एवं निर्देशक श्री विशाल मणि नैथानी, केशव गैरोला एवं रघुवीर सिंह रावत कैमरा मैन सुनील नैथानी, मोहित कुमार सहित ढुंग गांव के सम्मानित नागरिक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

“नौबत” की झलकियां:

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