जौनपुर के कालावन (तेेगना) ग्रामवासी कद्दूखाल में सड़क निर्माण के लिए 25 को करेंगे चक्का जाम

जौनपुर के कालावन (तेेगना) ग्रामवासी कद्दूखाल में सड़क निर्माण के लिए 25 को करेंगे चक्का जाम
जौनपुर के कालावन (तेेगना) ग्रामवासी कद्दूखाल में सड़क निर्माण के लिए 25 को करेंगे चक्का जाम
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जौनपुर के कालावन (तेेगना) सकलाना ग्रामवासी, स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधि कद्दूखाल में सरकार की बेरुखी के कारण सड़क निर्माण के लिए 25 को चक्का जाम करेंगे। इस बाबत शासन प्रशासन को 05 दिसंबर 2022 को लिखित रूप से अवगत करवा दिया गया है।

सरहद का साक्षी@ सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’

स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधि इस 05 किलोमीटर सड़क संपर्क मार्ग के लिए वर्षों से सरकार से अनुरोध करते आये हैं। पिछले साल अक्टूबर में ग्राम वासियों का स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों ने 06 दिन तक कद्दूखाल में धरना प्रदर्शन किया और अपनी 01 सूत्रीय मांग के लिए प्रशासन पर दबाव डाला था।

माननीय मुख्यमंत्री, क्षेत्रीय विधायक प्रीतम पंवार, राज्य पिछड़ा आयोग के उपाध्यक्ष संजय नेगी आदि के आश्वासन पर धरना प्रदर्शन कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। प्रथम चरण की वित्तीय तथा प्रशासनिक स्वीकृति का वादा किया गया था लेकिन लंबे अंतराल के बाद भी किए गए वायदे पर अमल नहीं किया गया, जिसके कारण क्षेत्रीय जनता में आक्रोश है। इसके लिए पुनः सड़क निर्माण संघर्ष समिति ने दिनांक 25 दिसंबर 2022 राजमार्ग (कद्दूखाल)में चक्का जाम करने का निर्णय लिया है।

कालावन (तेगना )जो लंबे समय तक ग्राम पंचायत मंजगांव का राजस्व ग्राम रहा और बाद में पूर्ण ग्राम पंचायत बनी, गांव की शत प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर आधारित है और दूध-सब्जी उत्पादन के लिए पूरे जनपद में अपना स्थान रखती है, लेकिन आज भी अपनी कमर्शियल क्रॉप को सड़क मार्ग तक लाने के लिए घोड़ा खच्चरों या पीठ पर ढो करके लाना पड़ता है।

किसानों की साल भर की कमाई पर कभी-कभी पानी फिर जाता है। सड़क संपर्क मार्ग से दूर होने के कारण स्थानीय जनता और ग्राम वासियों को अनेक सुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। किसी भी सामाजिक, धार्मिक आयोजन में अत्यधिक महंगा पड़ता है।

वृद्ध और असहाय जनों के लिए कभी-कभी सड़क के अभाव के कारण असामयिक मौत का सामना करना पड़ता है। यूं तो इस क्षेत्र में हर प्रकार की असुविधायें हैं किन्तु सड़क की सबसे बड़ी मुश्किल है।

ग्राम पंचायत के अंतर्गत सुरकंडा रज्जू मार्ग स्थापित हो चुका हो और देश-विदेश के सैलानियों की धूम मची रहती है लेकिन उस तीर्थ को आधार देने वाला गांव आज भी सड़क मार्ग से वंचित है, यह दुखदाई है।

ग्राम प्रधान ममता दंदेला, भरत सिंह भरगाईं, पूर्ण सिंह दंदेला और स्थानीय निवासियों द्वारा पुनः शासन- प्रशासन से अनुरोध है कि यथाशीघ्र जनहित में सड़क मार्ग हेतु शासनादेश निर्गत करे, स्थानीय जनता की मांग पर अमल करे।

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