जिला क्षय उन्मूलन समिति की बैठक: निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित लैब टैक्निशियन के खिलाफ होगी आवश्यक कार्यवाही- डीएम

जिला क्षय उन्मूलन समिति की बैठक: निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित लैब टैक्निशियन के खिलाफ होगी आवश्यक कार्यवाही- डीएम
जिला क्षय उन्मूलन समिति की बैठक: निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित लैब टैक्निशियन के खिलाफ होगी आवश्यक कार्यवाही- डीएम
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नॉर्मल चेस्ट एक्स-रे पर होगी लर्निंग क्लास: डॉ. सौरभ गहरवार 

जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल डॉ. सौरभ गहरवार ने आज अपने कार्यालय कक्ष में जिला क्षय उन्मूलन समिति की बैठक ली। जिलाधिकारी ने ओपीडी में सभी लैब टैक्निशियन को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ड्यूटी के निर्धारित समय पर चिकित्सालय में रहना सुनिश्चित करें, यदि किसी भी समय निरीक्षण के दौरान कोई लैब टैक्निशियन अनुपस्थित पाया जाता है, तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।

जिलाधिकारी ने जनपद के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों के चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां पर भी टीबी के मरीज हैं, वहां पर व्यक्तिगत रूप से जाकर टीबी के मरीजों का यथा कमियां, कारण और सहायता संबंधी विवरण एवं संवेदनशील स्थानों को चिन्ह्ति कर ब्लॉक वाइज डाटा 03 दिन के अन्दर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही दो सप्ताह में ओपीडी में आयेे मरीजों में से कफ वाले मरीजों का डाटा भी उपलब्ध कराने को कहा गया।

कहा कि डॉट्स में लगे एएनएम एवं आशा जो अच्छा कार्य कर रहे हैं, उनका नाम भी बतायें, ताकि अच्छा कार्य करने वालों को सम्मानित किया जा सके। सीएमओ को एक्स-रे मशीन एवं टैक्निशियन संबंधी डाटा उपलब्ध कराने को कहा गया। इसके साथ ही अपै्रल, 2022 में टीबी के कुल मरीज तथा अब तक मासिक नये मरीज एवं ठीक हुए मरीजों का ब्लॉक वाइज विवरण तथा चिन्ह्ति टीबी मरीजों के पोषण हेतु अगस्त, 2022 तक डीबीटी के माध्यम भेजी गई धनराशि की रिपोर्ट पीपीटी के माध्यम से उपलब्ध कराने को कहा गया। जिलाधिकारी ने कहा कि सोमवार को आयोजित बैठक में सभी चिकित्साधिकारी 05 नॉर्मल चेस्ट एक्स-रे साथ लेकर आयें, इस पर लर्निंग क्लास होगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय जैन ने बताया कि जनपद में 621 क्षय रोग (टीबी) के मरीज चिन्ह्ति किये गये हैं, जिनका उपचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस रोग को ठीक करने के लिए कम से कम छः माह के उपचार की आवश्यकता होती है, अगर उपचार अधूरा रह जाता है, तो रोगियों को ठीक करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि यह फैलने वाली बीमारी है, इस संबंध में आरबीएस टीम को जन जागरूकता हेतु निर्देशित किया गया है। कहा कि संदिग्ध मरीजों की सीएचसी/पीएचसी में निःशुल्क जांच हो रही है। इसके साथ ही मरीजों को पोषण की व्यवस्था एवं गोद लेने की व्यवस्था भी की जा रही है।

बैठक सीएमओ डॉ. संजय जैन, सीएमएस जिला चिकित्सा बौराड़ी डॉ. अमित रॉय, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी नरेन्द्रनगर डॉ. सुभाष, जिला क्षय रोग अधिकारी टिहरी डॉ. जितेन्द्र सिंह भण्डारी, डीपीओ बाल विकास टिहरी शोहेब सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।

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