छापराधार इण्टर कॉलेज के छात्रों ने समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत चलाया पर्यावरण संरक्षण अभियान

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छापराधार इण्टर कॉलेज के छात्रों ने समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत चलाया पर्यावरण संरक्षण अभियान

चम्बा: समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत राजकीय इण्टर कॉलेज छापराधार के छात्रों द्वारा स्थानीय समुदाय में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता के लिए 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस से 11 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश में नवीनीकरण ऊर्जा स्त्रोतों स्थानीय परिस्थितिकी तंत्र, जल संरक्षण तथा वृक्षा रोपण अभियान चलाया जा रहा है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य गबर सिंह चौहान ने बताया कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर विद्यालय में स्थानीय समुदाय के साथ गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें स्थानीय समुदाय ने अपनी भागीदारी निभायी और संकल्प लिया कि हम अपने प्रवेश का पर्यावरण संरक्षित रखेंगे।

इस अभियान के अन्तर्गत विद्यालय के छात्रों को परिस्थितिकी तंत्र से परिचित कराने के लिए कौड़िया नामक स्थान का भ्रमण कराया गया। यह स्थान धने देवदार के वृक्षों से आच्छदित है। छात्रों को इस सधन परिस्थितिकी तंत्र की जानकारी दी गयी। छात्रों को वन विभाग तथा वर्ड वाचिंग विशेषज्ञ स्थानीय पर्यावरण की वनश्पतियों पेड पौधों, जीव जन्तुओं से परिचित करवाया गया। ईकों क्ल्ब प्रभारी अरविन्द कौशल ने बताया कि ईको क्लब फार मिशन लाईफ के अन्तर्गत सात गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।

छात्रों को समुहों में विभाजित कर आस-पास के परिस्थिकी तंत्र रिति-रीवाज, परंपराओं तथा आसपास के पर्यावरण की सूचनाएं एकत्रित की जा रही है। छात्रों ने छापराधार चुरेडधार चोपडियालगांव में जैविक-अजेविक कूड़े को एकत्रित कर उसका निस्तारण किया। जैविक अजैविक कूड़े के निस्तारण के लिए विद्यालय परिसर में अलग-अलग गड्डों का निर्माण भी करवाया गया।

आज विश्व जल दिवस पर छात्रों को जल ही जीवन है विषय पर जानकारी प्रदान की गयी। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत चोपड़ियालगांव में उद्यान विशेषज्ञ श्री मंगला नन्द डबराल के बागान में जा कर विविध प्रकार की जानकारी प्राप्त की गयी। प्रतियोगिता प्रभारी श्रीमती प्रीति कश्यप द्वारा उक्त विषय पर छात्रों के मध्य भाषण, निबंध एवं कला प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया गया।

इस कार्यक्रम में स्थानीय समुदाय से सामाजिक कार्यकर्ता विनोद डबराल, पी०टी०ए० अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह, सुभाष उनियाल, रूद्रमणी डबराल, काशीराम, कुला मिस्त्री, लक्ष्मी देवी, सकुन्तला देवी सुशीला देवी, बसन्ती देवी रजनी देवी, मीना देवी मंजू देवी, शशी देवी आदि ने सहयोग दिया है।

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