ग्रामीण अर्थव्यवस्था में लघु एवं कुटीर उद्योगों की भूमिका पर महाविद्यालय पाबौ में भाषण प्रतियोगिता

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में लघु एवं कुटीर उद्योगों की भूमिका पर महाविद्यालय पाबौ में भाषण प्रतियोगिता
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में लघु एवं कुटीर उद्योगों की भूमिका पर महाविद्यालय पाबौ में भाषण प्रतियोगिता


 

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ग्रामीण अर्थव्यवस्था में लघु एवं कुटीर उद्योगों की भूमिका पर राजकीय महाविद्यालय पाबौ में अर्थशास्त्र विभाग के तत्वाधान में प्राचार्य डॉ. सत्य प्रकाश शर्मा के अध्यक्षता में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

सरहद का साक्षी, विक्रम सिंह रावत @पौड़ी 

कार्यक्रम में अर्थशास्त्र विभाग के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के छात्रों द्वारा प्रतिभाग किया गया तथा कार्यक्रम में मूल्याकन समिति में डॉ गणेश चन्द, विभागाध्यक्ष वाणिज्य, डॉ सौरभ सिंह विभागाध्यक्ष शिक्षासास्त्र तथा डॉ सरिता विभागाध्यक्ष हिन्दी द्वारा मूल्याकन कार्य किया गया I उक्त कार्यक्रम में प्रथम स्थान बी ए प्रथम वर्ष कुमारी साक्षी, द्वितीय स्थान बी ए तृतीय वर्ष कुमारी आभा तथा तृतीय स्थान बी ए प्रथम वर्ष कुमारी साक्षी ने प्राप्त किया तथा सभी विजेता छात्रों को पुरस्कृत भी किया गया I

कार्यक्रम का संचालन अर्थसास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ मुकेश शाह द्वारा किया गया तथा उनके द्वारा वर्तमान में लघु एवं कुटीर उद्योगों की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान के बारे में प्रकाश डाला गया I उनके द्वारा यह भी अवगत कराया गया की बहुत से स्थानीय संसाधनो का उचित उपयोग नहीं हो पाता उनकी पहचान कर एक लघु उद्यम के रूप में स्थापित कर स्वरोजगार को बड़ाया जा सकता हें I

कार्यक्रम का समापन करते हुए महाविद्यायलय के प्राचार्य द्वारा अवगत कराया गया की कौशल विकास का सवर्धन कर उद्यमिता को बढावा देना चाहिये तथा छात्रों को भी एक उधमी के रूप में उभरकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में योगदान देना चाहिये I

कार्यक्रम में डॉ अनिल शाह , डॉ कैलाश चन्द भट एवं समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहे I

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