ऋषिकेश परिसर में मॉडल संयुक्त राष्ट्र पर एक विशेष कार्यक्रम

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ऋषिकेश परिसर में मॉडल संयुक्त राष्ट्र पर एक विशेष कार्यक्रम

युवामंथन मॉडल संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत “विकसित भारत 2047 तक भारत की यात्रा की शुरुआत

एक विकसित भारत का दृष्टिकोण”: युवामंथन अनुभवात्मक शिक्षण कार्यशाला का आयोजन

ऋषिकेश:  पंडित ललित मोहन शर्मा श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर ऋषिकेश मैं राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन ऋषिकेश परिसर में मॉडल संयुक्त राष्ट्र पर एक विशेष कार्यक्रम युवामंथन मॉडल संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत “विकसित भारत 2047 तक भारत की यात्रा की शुरुआत: एक विकसित भारत का दृष्टिकोण”: युवामंथन अनुभवात्मक शिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

ऋषिकेश परिसर में मॉडल संयुक्त राष्ट्र पर एक विशेष कार्यक्रमपरिसर के निदेशक प्रो एम एस रावत ने माननीय कुलपति व सभी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति माननीय प्रो एन के जोशी ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं में संवाद स्थापित करना है और आजादी के 100 वें वर्ष यानी 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है।

इस विजन में आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, पर्यावरणीय स्थिरता और सुशासन सहित विकास के विभिन्न पहलु शामिल हैं।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राजनीतिक विज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो हेमलता मिश्रा एवं प्रो दिनेश शर्मा ने अपने विचार रखें।

प्रो हेमलता मिश्रा ने अपने वक्तव्य में कहा की संयुक्त राष्ट्र ने शांति और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अनेक प्रावधान बनाए हैं परंतु उन सभी प्रावधानों को धरातल पर लाने के लिए युवाओं को अपना-अपना योगदान देना होगा और अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।

प्रो दिनेश शर्मा ने संयुक्त राष्ट्र संघ पर विस्तृत चर्चा करते हुए विश्व शांति व अन्य वैश्विक मुद्दों पर अन्तर्राष्ट्रीय कानून को सुविधाजनक बनाने के सहयोग, अन्तर्राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, मानव अधिकार और विश्व शान्ति के लिए कार्यरत है। के नोडल ऑफिसर डॉ अशोक मेंदोला ने कार्यशाला के विषय पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा इसके लिए हम सभी की जनभागीदारी जरूरी है ‘जनभागीदारी’ एक ऐसा मंत्र है जिसके जरिये बड़े से बड़े संकल्प भी पूरे किये जा सकते हैं. “चाहे ‘डिजिटल इंडिया’ हो, ‘वोकल फॉर लोकल’ हो या स्वच्छ भारत अभियान, हम सभी ने ‘सबका प्रयास’ की शक्ति देखी है!” आज हर व्यक्ति, हर संस्था, हर संगठन को इस संकल्प के साथ आगे बढ़ना है कि मैं जो कुछ भी करूं वह विकसित भारत के लिए हो। आपके लक्ष्यों और आपके संकल्पों का ध्यान केवल विकसित भारत पर होना चाहिए, कला संकाय अध्यक्ष प्रो डी सी गोस्वामी ने भी अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि यदि युवा अपने जीवन के शुरुआती दिनों में संघर्ष करते हैं, तो वे निश्चित रुप से अपने आगामी जीवन में सफलता हासिल करते हैं। कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन डॉ प्रीति खंडूरी द्वारा किया गया।

इस मौके पर प्रो कनचनलता सिन्हा, प्रो अनीता तोमर, प्रो संगीता मिश्रा, प्रो पुष्पांजलि आर्य, प्रो नवीन शर्मा, प्रो मनोज यादव, प्रो हितेंद्र, डॉ अशोक मंडोला, डॉ प्रीति खंडूरी, डॉ कुमुद पांडे, राष्ट्रीय सेवा योजना के 150 स्वयंसेवी व अन्य छात्र छात्राएं मौजूद थे।

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