उत्तराखंड स्थापना दिवस के पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में राष्ट्रीय सेवा योजना, नमामि गंगे एवं रोवर्स रेंजर्स समिति एवं राजनीति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

उत्तराखंड स्थापना दिवस के पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में राष्ट्रीय सेवा योजना, नमामि गंगे एवं रोवर्स रेंजर्स समिति एवं राजनीति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित
उत्तराखंड स्थापना दिवस के पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में राष्ट्रीय सेवा योजना, नमामि गंगे एवं रोवर्स रेंजर्स समिति एवं राजनीति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित
play icon Listen to this article

उत्तराखंड स्थापना दिवस के अवसर पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में प्राचार्य प्रो. पुष्पा नेगी के दिशा – निर्देशन में राष्ट्रीय सेवा योजना, नमामि गंगे एवं रोवर्स रेंजर्स समिति एवं राजनीति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।

दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए प्राचार्य प्रो पुष्पा नेगी ने कहा कि उत्तराखंडवासियों के लिए यह स्वर्णिम दिवस है, जिस प्रगति के उद्देश्य से इस राज्य की स्थापना की गई थी उस पर ध्यान केंद्रित करना हम सबका परम दायित्व है, एक व्यक्ति से ही उत्कृष्ट समाज का निर्माण होता है युवा पीढ़ी पलायन के विचार को त्यागकर अपने प्रत्येक स्तर पर इस हिमालयी भूखंड के विकास में योगदान दें।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत कु. खुशी द्वारा ‘पावन मेरो उत्तराखंड’ लोकगीत, डिम्पल समूह एवं निहारिका समूह द्वारा लोकनृत्य, वर्षिका, राखी एवं दीक्षा द्वारा एकल लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गयी।

“उत्तराखंड राज्य स्थापना के पश्चात विकास की ओर बढ़ते कदम” विषय पर आधारित वाद-विवाद प्रतियोगिता के माध्यम से विभिन्न प्रतिभागियों द्वारा 22 साल के उत्तराखंड की धरातलीय स्थिति से अवगत कराया गया।

इस प्रतियोगिता में दीपशेखर सेमवाल एवं विक्रांत चौधरी ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान, दीया भट्ट ने द्वितीय स्थान एवं अभिषेक नेगी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, इसमें निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. विष्णु कुमार शर्मा, डॉ. सुधीर पेटवाल एवं डॉ. दीप्ति राणा ने निभाई। इसके पश्चात “उत्तराखंड राज्य का विकास : समस्याएं एवं सुझाव” विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें विक्रांत चौधरी, विष्णुकांत एवं सूरज ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया, इसमें डॉ. दलीप सिंह बिष्ट, डॉ. दयाधर सेमवाल एवं डॉ. सुनीता मिश्रा ने निर्णायक की भूमिका निभाई।

“उत्तराखंड की वर्तमान स्थिति एवं सम्भावनाएँ ” विषय पर आयोजित निबन्ध प्रतियोगिता में दीपशेखर सेमवाल, अजय सिंह एवं दिव्या ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया, जिसमें निर्णायक की भूमिका डॉ. कृष्णा राणा एवं डॉ. कनिका बड़वाल ने निभाई।

“उत्तराखंड का ऐतिहासिक, राजनैतिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक परिदृश्य” विषय पर आधारित पोस्टर प्रतियोगिता में साक्षी बेंजवाल, निशा, प्रियांशु ने क्रमशः प्रथम , द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इस प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका डॉ. राजेश कुमार एवं डॉ. प्रकाश चन्द्र फोन्दनी ने निभाई। राज्य स्थापना दिवस पर वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. दलीप सिंह बिष्ट, रोवर्स प्रभारी डॉ. अखिलेश्वर द्विवेदी एवं डॉ. दीप्ति राणा ने भी विचार प्रकट किए। कार्यक्रम में मंच संचालन नमामि गंगे समिति सदस्य डॉ. ममता थपलियाल ने किया।

इस अवसर पर नमामि गंगे नोडल अधिकारी डॉ. के. पी. चमोली, राष्ट्रीय सेवा योजना की वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निधि छाबड़ा, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अंजना फर्स्वाण, रेंजर्स प्रभारी डॉ. चंद्रकला नेगी, नमामि गंगे समिति के सदस्य डॉ. ममता शर्मा, डॉ. आबिदा, डॉ. शशिबाला रावत के साथ ही महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक डॉ. पूनम भूषण, डॉ. सीताराम नैथानी, डॉ. वीरेंद्र प्रसाद, डॉ. ममता भट्ट, डॉ. तनुजा मौर्य, डॉ. रुचिका कटियार, डॉ. दुर्गेश नौटियाल सहित कर्मचारी वर्ग से श्री ताहिर, श्री संदीप राणा, श्रीमती विनीता रौतेला एवं महाविद्यालय के अनेक छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here